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बुधवार, 26 फ़रवरी 2025

देवस्थल पर नपं सरमेरा के मुख्य पार्षद का अवैध कब्जा

देवस्थल पर नपं सरमेरा के मुख्य पार्षद का अवैध कब्जा ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी को आवेदन देकर की कार्रवाई की मांग
सरमेरा (नालंदा) विपिन कुमार।। अतिक्रमणकारियों ने आम गैरमजरूआ भूमि के साथ-साथ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए देवी देवताओं पर भी अवैध कब्जा कर अपना भवन बना लिया है. मामला नगर पंचायत सरमेरा के बढ़िया गांव स्थित वार्ड नंबर 4 का है. इस संबंध में पूर्व मुखिया अनिल प्रसाद सहित अन्य लोगों ने अंचलाधिकारी को आवेदन देकर अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की है. दिए गए आवेदन में शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नगर पंचायत सरमेरा के बढ़िया गांव स्थित वार्ड नंबर 4 में खाता संख्या 470 प्लॉट नंबर 2751 रकवा 28 डिसमिल आम गैरमजरूआ पोखर है. जो किसानों के लिए कृषि पटवन का साधन है. इस पोखर के 15 से 16 डिसमिल के भूभाग पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर अपना मकान बना लिया है. इसी प्रकार खाता संख्या 470 प्लॉट संख्या 2763 रकबा एक डिसमिल पर स्थापित श्री स्थान (देव स्थल) पर अवैध कब्जा कर लिया गया है. कहा गया है कि उक्त दोनों भूमि आम गैरमजरूआ जमीन है. जनहित को ध्यान में रखते हुए‌ इसे अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई की जाए. फिलहाल डाक के माध्यम से अंचलाधिकारी को दिए गए आवेदन की भनक लगते ही अतिक्रमण का यह मामला ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. ग्रामीण जानकारों एवं शिकायतकर्ताओं की मानें तो देव स्थल की भूमि पर नपं सरमेरा के मुख्य पार्षद सन्नी कुमार का पक्का मकान बना हुआ है. इसी भवन के निर्माण के समय श्री स्थान में स्थापित पिंडी को मकान के अंदर कर लिया गया है. जिसके कारण लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है. पिंडी की स्थापना काल के शुरुआती वक्त में यह पिंडि कब्जे से बाहर था. जहां सभी ग्रामीण स्वतंत्र रूप से पूजा पाठ किया करते थे. इसी प्रकार पोखर की भूमि पर इनके स्वयं का दलान बना हुआ है. उल्लेखनीय है कि इसके अलावा एक और सरकारी भूमि पर मुख्य पार्षद सन्नी कुमार का अवैध कब्जा है. जिसे हटाने के लिए अंचल अधिकारी ने नोटिस संख्या 253 दिनांक 17 फरवरी को पत्र जारी कर अवैध कब्जे वाली भूमि को अबिलंब 27 फरवरी 2025 की तिथि तक अतिक्रमण मुक्त करने का सख्त निर्देश दिया है. अब हर आम से लेकर खास तक लोगों की नजरे अंचलाधिकारी पर टिकी हुई है. क्या यह भूमि अतिक्रमण मुक्त हो पाएगा? या फिर यह मामला ठंढे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

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