Skp7news शेखपुरा: परिवार न्यायालय सह मेडिटेशन केंद्र के उद्घाटन के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने शेखपुरा में 15000 केस लंबित रहने पर जताई गहरी चिंता
शेखपुरा(ललन कुमार) : बुधवार की शाम को सिविल कोर्ट परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तहत नव निर्मित परिवार न्यायालय सह मेडिटेशन केंद्र भवन का उद्घाटन करने पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल शेखपुरा पहुंचे। शेखपुरा पहुंचते ही उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। तत्पश्चात वे गिरिहिंदा पहाड़ पर स्थित शिव मंदिर में पूजा अर्चना करने पहुंचे।
वहां से वे सीधे सिविल कोर्ट परिसर स्थित एडीआर भवन का उद्घाटन करने पहुंचे।वहां वे फीता काटकर नव निर्मित भवन का उद्घाटन किए।मेडिटेशन केंद्र के भवनों और उसमे मौजूद सुविधाओं का भी उनके द्वारा निरीक्षण किया गया। उसके बाद केस लड़ने के लिए कोर्ट पहुंचने वाली महिलाओं के साथ आए मासूम बच्चे की सुविधा के लिए बनी पालना घर का भी वे फीता काटकर उद्घाटन किये। साथ ही उनके द्वारा पालना घर का निरीक्षण भी किया गया। पालना घर में मौजूद सुविधाओं को देख वे खुश दिखे। मुख्य समारोह मेडिटेशन केंद्र के परिसर में भव्य पंडालों के बीच आयोजित किया गया। पंडाल आगत अतिथियों, अधिवक्ताओं, कोर्ट कर्मियों और सुरक्षाबलों से भरा पड़ा था।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य न्यायाधीश संजय करोल के साथ आए पटना हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीशो राजीव रंजन प्रसाद ,डॉ अंशुमान, मोहित कुमार साहा, अमानुल्लाह साहब और मधुरेश प्रसाद के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और नवोदय विद्यालय की छात्राओं के द्वारा राष्ट्रगान प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही बरबीघा के संत मैरी स्कूल की छात्राओं के द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत किया गया।
तत्पश्चात जिला जज राजकुमार प्रथम, एडीजे संजय कुमार सिंह ,जिला विधिक सेवा के प्राधिकार के सचिव धर्मेंद्र झा और एडीजे विकास कुमार के द्वारा पटना हाई कोर्ट से पहुंचे सभी न्यायाधीशों राजीव रंजन प्रसाद, डॉ अंशुमान, मोहित कुमार साहा, मधुरेश प्रसाद व अमानुल्लाह साहब को साल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। जिला जज राजकुमार प्रथम द्वारा स्वागत भाषण से कार्यक्रम बढ़ता चला गया। पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के साथ पहुंचे न्यायाधीशों ने परिवार न्यायालय से जुड़े और लंबित मामलों पर गंभीरता से अपने विचार रखे। न्यायाधीशों ने शेखपुरा बार एसोसिएशन के अधिवक्ता द्वारा अपने लाभ के लिए न्यायिक पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायत भेजने को लेकर इशारों इशारों में अधिवक्ताओं को खरी खोटी सुनाई।
मौके पर मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने संबोधित करते हुए कहा कि शेखपुरा में बनाया गया यह एडीआर बिल्डिंग एक मॉडल के रूप में दिख रहा है। साथ ही बार एसोसिएशन की भी उन्होंने जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि शेखपुरा जैसे छोटे से जिले में 15000 केस लंबित पड़े हैं। दुख इस बात की है कि 6 से 7 केस ऐसे हैं जो 30 से 20 साल पुराने हैं। 3 केस सिविल के और 3 केस क्रिमिनल के हैं। यह केस 1973 और 1977 वर्ष के हैं। उन्होंने न्यायिक पदाधिकारियों से इन लंबित मामलों को निपटारा करने की सलाह दी। मुख्य न्यायाधीश ने कार्यक्रम में तन्मयता से लगे रहने को लेकर डीएम सावन कुमार और एसपी कार्तिकेय शर्मा की भी सराहना की। मौके पर ही उन्होंने पालना घर में डीएम को एक लेडी कर्मी को प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया ।
मौके पर मौजूद सभी अधिवक्ताओं ने मुख्य न्यायाधीश और उनके साथ रहे अन्य न्यायाधीशों को फूल माला देकर गर्मजोशी से स्वागत किया। मंच को विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह और कोषाध्यक्ष चंद्रमौली यादव ने भी संबोधित किया। मंच का संचालन जिला विधिक संघ के महासचिव विनोद कुमार सिंह और एडीजे संजय कुमार सिंह ने किया।
मुख्य न्यायाधीश की अगवानी जिला जज राज कुमार प्रथम,डीएम सावन कुमार और एसपी कार्तिकेय के शर्मा सुरक्षा बलों के साथ करने में लगे रहे।
बुधवार, 16 नवंबर 2022
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