Skp7news नवादा : किसानों ने चतुर्थ कृषि रोड मैप को लेकर किसानों ने डीएम को दिया सुझाव,कार्यशाला में किसानों ने कृषि कार्य में उत्पन्न बाधाओं से डीएम को कराया अवगत - Skp7news today

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शनिवार, 3 दिसंबर 2022

Skp7news नवादा : किसानों ने चतुर्थ कृषि रोड मैप को लेकर किसानों ने डीएम को दिया सुझाव,कार्यशाला में किसानों ने कृषि कार्य में उत्पन्न बाधाओं से डीएम को कराया अवगत

Skp7news नवादा : किसानों ने चतुर्थ कृषि रोड मैप को लेकर किसानों ने डीएम को दिया सुझाव,कार्यशाला में किसानों ने कृषि कार्य में उत्पन्न बाधाओं से डीएम को कराया अवगत
नवादा(सुरेश राय) । डीएम उदिता सिंह ने चतुर्थ कृषि रोड मैप सूत्रण को लेकर किसानों के साथ विचार-विमर्ष एवं सुझाव संकलन से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया। जिसमें कृषि के क्षेत्र में उत्पन्न बाधाओं से किसानों ने अवगत कराया। इस दौरान डीएम ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन में सरकार के द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन अवश्य करें। डीएम श्रीमती सिंह ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि किसानों को जो सरकार के द्वारा अनुदान की राशि प्रदान की जाती है, उसे पारदर्शी और बिना भेदभाव के वांछित किसानों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। इस कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंडों से प्रगतिशील किसानों के साथ-साथ कृषि एवं सम्बद्ध विभाग के पदाधिकारी सम्मिलित हुए। उल्लेखनीय है कि चौथा कृषि रोड में जो 2022 से 2027 तक चलेगा, उसकी तैयारी के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में भाग लेने वाले कृषकों ने सम्बन्धित विभागीय पदाधिकारियों के समक्ष अपने सुझाव को रखा। मुख्य तौर पर किसानों ने चतुर्थ कृषि रोड मैप में स्थानीय स्तर पर अपने उत्पादों के लिए कृषि मंडी, प्रसंस्करण एवं भंडारण का प्रावधान करने का सुझाव दिया गया। स्थानीय स्तर पर हाट के रूप में कृषि मंडी का प्रावधान करने से छोटे व मंझौले किसान के लिए ये हाट एटीएम का काम करेगा, जहां किसान अपने कृषि उत्पाद को मंडी में प्रतिदिन बेचकर उचित मूल्य प्राप्त कर पायेगें। औषधीय एवं सुगन्धित पौधों के लिए किसानों ने किया बूथ स्टॉल की मांग ।उद्यानिक क्षेत्र में कई औषधीय एवं सुगन्धित पौधें ऐसे हैं जिनका प्रसंस्करण एवं विपणन की सुविधा नहीं होने के कारण किसान इसकी खेती नहीं कर पाते हैं। जिले में मशरूम का उत्पादन बहुत अच्छा हो रहा है, इसकी उत्पादकता को और ज्यादा बढ़ाने एवं हर घर तक इसकी सुलभ पहुंच के लिए सरकार से सुधा दूध डेयरी की बूथ के तर्ज पर इसके लिए भी जिले में बूथ की व्यवस्था का प्रावधान किया जाय, जिसमें सोलर उर्जा से कूलिंग सिस्टम की भी व्यवस्था हो। मत्स्य पालन व गव्य विकास पर किसानों ने दिया सुझाव मत्स्य पालन के लिए बड़े तालाब की जगह छोटे-छोटे तालाब में भी मत्स्यपालन की योजना को क्रियान्वित किया जाय, ताकि छोटे एवं कम जोत वाले किसान भी इसका लाभ ले सकें। वहीं गव्य विकास विभाग से अनुदानित दर पर मिलने वाले दो, चार या इससे अधिक दुधारू पशुओं की योजना को चालू रखने का सुझाव दिया गया। कृषि कार्य के लिए छोटे जेसीबी मशीन को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराने के प्रावधान का सुझाव दिया गया। फसल चक्र के लिए चेक डैम निर्माण का दिया गया सुझाव जिले का सॉयल मैप तैयार कर उसके अनुसार फसल चक्र निर्धारित करने का सुझाव दिया गया। नदियों में वर्षा का पानी जो नहर के माध्यम से खेतों तक पहुंचता है, परन्तु बालू खनन होने के कारण नदी के बीच में गहराई हो जाने के कारण नहरों में पानी नहीं पहुंच पाता है, जिसके लिए नदियों में नहर के मुहाने पर पक्का चेक डैम के निर्माण का सुझाव दिया गया ताकि नहरों में सिंचाई का पानी लम्बे समय तक खेतों में पहुंच सके। पान के फसल को सहायता योजना व आपदा में शामिल करने का किया गया मांग।तालाब, आहर, पाइन, टेड़ू (लिंक पाइन) को बरसात से पहले मरम्मति एवं सफाई की व्यवस्था हो, साथ ही इन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराया जाय। जिले के विशेष फसल के रूप में चिन्हित पान को फसल सहायता योजना एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अन्तर्गत शामिल किया जाय, क्योंकि पान फसल में क्षति होने की संभावना ज्यादा बनी रहती है। पान के लिए स्थानीय बाजार प्रखंड एवं ग्राम स्तर पर शीतगृह की व्यवस्था, उत्पादित विभिन्न सब्जियां, पान, मशरूम आदि फसलों को स्थानीय बाजार या दूसरे मंडी में भेजने के लिए रेफ्रिजरेटर भान की व्यवस्था कराने का सुझाव दिया गया। 55-60 एचपी के ट्रैक्टर को अनुदान पर उपलब्ध कराने का दिया गया सुझाव। फसल अवशेष प्रबंधन हेतु कृषि यंत्र, बेलर, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, मल्चर इत्यादि को संचालित करने के लिए 55-60 एचपी के ट्रैक्टर को अनुदान पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया। इसके अतिरिक्त खेत समतलीकरण, राजकीय नलकूप योजन को पुनः चालू करने, बिजली की समुचित व्यवस्था, सोलर पम्पसेट की व्यवस्था, प्रशिक्षण-परिभ्रमण की व्यवस्था तथा युवा किसानांे को प्राथमिकता देने की बात कही गई, ताकि आधुनिक तकनीकी से खेती की जा सके। इसके अलावा केसीसी पर ब्याज की माफी की मांग, प्राकृतिक खेती पर किसानों को जागरूक करने का सुझाव दिया गया। मौके पर उन्नत कृषक रंजीत कुमार, मनोज कुमार कझिया, जयराम प्रसाद, राजेन्द्र प्रसाद, अमित कुमार सिन्हा, सुबोध कुमार, विजय कुमार सिंह, नागेन्द्र कुमार, शिवशंकर चौरसिया, जितेन्द्र कुमार, दिनेश शंकर प्रसाद, सदानन्द कुमार, ईष्वरी प्रसाद, बबीता देवी तथा प्रमिला देवी आदि मौजूद थे।

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