समाहरणालय एवं अतिथि गृह होगा नीलाम, न्यायलय के आदेश पर चिस्पाया इस्तेहार
नवादा(सुरेश। अदालत के आदेश पर नवादा समाहरणालय एवं अतिथि गृह में इस्तेहार चिपकाया गया। राजौली के फुलवरिया जलाशय परियोजना के लिये अधिकृत की गई भूमि की राशि का भुगतान नहीं किये जाने पर अदालत ने यह कदम उठाया। प्रथम अवर न्यायाधीश आशीष रंजन के आदेश पर इस्तेहार चिपकाया गया, जिससे जिला प्रशासन की मुष्किलें बढ गई है। सरकार के द्वारा 10 लाख 27 हजार 3 88 रूपये 27 पैसे का भुगतान किया जाना है।
अदालत ने भूमि अधिग्रहण करने के तिथि से वर्ष 2015 में केवल एक लाख 20 हजार रूपये 15 फिसदी सूद के साथ भुगतान करने का आदेश दिया था, किन्तु जिला प्रशासन के द्वारा उक्त राशि का भुगतान नहीं किये जाने पर सूद के कारण मूल राशि 10 लाख रूपये से अधिक पहुंच गया। यह मामला अदालत में वर्ष 1986 से चल रहा है। जानकारी के अनुसार रजौली थाना क्षेत्र के रानिवास गांव की भूमि को फुलवरिया जलाशय के लिये सरकार ने भूमि को अधिग्रहित किया था। इस योजना अंतर्गत सरकार ने रानिवास निवासी शांति देवी की भूमि को भी अधिग्रहित किया गया था। सरकार ने भूमि का मूल्य केवल 3 हजार 999 रूपये 93 पैसा का ही भुगतान भूस्वामी को किया।
सरकार के द्वारा अधिग्रहित की गई भूमि का कम मूल्य का भुगतान किये जाने पर भूस्वामी ने अदालत में भूमि अधिग्रहण वाद संख्या-496/86 दायर किया था। जो सुनवाई उपरांत 28 अगस्त 2015 को आदेश पारित करते हुए एक लाख 20 हजार रूपये 15 फिसदी सूद के साथ भुगतान करने का आदेश दिया था, किन्तु जिला प्रशासन ने उक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया, तब भूस्वामी ने अदालम में इजराय वाद संख्या-3/22 दायर किया। प्रथम अवर न्यायाधीश ने राशि वसूली को लेकर जिला प्रशासन के समाहरणालय एंव अतिथि गृह को कुर्क किये जाने का इस्तेहार निर्गत किया गया, जिसका अनुपालन करते हुए दोनो सरकारी भवन पर इस्तेहर चिपकाया गया है।
मंगलवार, 25 फ़रवरी 2025
समाहरणालय एवं अतिथि गृह होगा नीलाम, न्यायलय के आदेश पर चिस्पाया इस्तेहार
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